भरतपुर. भरतपुर के सुरम्य बरेठा बांध पर जहां लोग सुकून और प्राकृतिक शांति की तलाश में आते हैं, वहीं एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर देखने वाले को झकझोर कर रख दिया. यह कोई हादसा नहीं था, लेकिन यह उससे भी कहीं अधिक खतरनाक था- एक ऐसा दृश्य, जहां एक पिता ने सोशल मीडिया पर कुछ लाइक्स पाने के लिए अपनी मासूम बच्ची की जान खतरे में डाल दी.
वीडियो में साफ देखा गया कि एक नन्हीं बच्ची को, जो डर और मासूमियत के बीच झूल रही थी, बरेठा बांध के खतरनाक गेज बॉक्स के किनारे पर खड़ा कर दिया गया. उसके पिता ने न सिर्फ बच्ची को वहां खड़ा किया, बल्कि कुछ पलों के लिए उसका हाथ भी छोड़ दिया- महज़ एक इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए. नीचे गहराई में लबालब भरा हुआ पानी था, और जरा सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी.
माँ भी थी मौजूद, पर रोकने के बजाय बना रही थी रील
इस वीडियो में बच्ची की माँ भी साफ दिख रही है, जो न केवल इस कृत्य को देख रही थी बल्कि बच्ची को आगे बढ़ने को भी कह रही थी. बच्ची के चेहरे पर डर स्पष्ट था- आंखों में सवाल थे, कंपकंपाता शरीर था, और वो भरोसा भी था जो उसने अपने माता-पिता पर किया था. लेकिन अफसोस, माता-पिता उस समय शायद केवल कैमरे की फ्रेमिंग और वायरल होने की भूख में डूबे थे.
इस वीडियो में बच्ची की माँ भी साफ दिख रही है, जो न केवल इस कृत्य को देख रही थी बल्कि बच्ची को आगे बढ़ने को भी कह रही थी. बच्ची के चेहरे पर डर स्पष्ट था- आंखों में सवाल थे, कंपकंपाता शरीर था, और वो भरोसा भी था जो उसने अपने माता-पिता पर किया था. लेकिन अफसोस, माता-पिता उस समय शायद केवल कैमरे की फ्रेमिंग और वायरल होने की भूख में डूबे थे.
प्रशासन सख्त, आरोपी दंपती की हो रही पहचान
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भरतपुर प्रशासन के संज्ञान में आया. बरेठा पुलिस चौकी इंचार्ज भरत लाल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वीडियो को गंभीरता से लिया गया है. आरोपी दंपती की पहचान की जा रही है और बांध क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए वहां एक कॉन्स्टेबल की तैनाती भी कर दी गई है. प्रशासन ने पहले ही मानसून के दौरान जलस्रोतों और बांध जैसे स्थानों पर सतर्कता बरतने की अपील की थी, क्योंकि इस मौसम में हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भरतपुर प्रशासन के संज्ञान में आया. बरेठा पुलिस चौकी इंचार्ज भरत लाल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वीडियो को गंभीरता से लिया गया है. आरोपी दंपती की पहचान की जा रही है और बांध क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए वहां एक कॉन्स्टेबल की तैनाती भी कर दी गई है. प्रशासन ने पहले ही मानसून के दौरान जलस्रोतों और बांध जैसे स्थानों पर सतर्कता बरतने की अपील की थी, क्योंकि इस मौसम में हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
क्या व्यूज़ के लिए ज़िंदगी दांव पर लगाना जायज़ है
इस घटना ने एक बड़ा सामाजिक सवाल खड़ा कर दिया है- क्या सोशल मीडिया पर फेम पाने की होड़ इतनी बढ़ चुकी है कि हम अपनों की जान की कीमत पर भी कंटेंट बनाने को तैयार हैं
बच्चों को सुरक्षा देना हर माता-पिता की पहली ज़िम्मेदारी होती है, लेकिन जब वही माता-पिता अपनी संतानों को एक डिजिटल दुनिया की सनक में धकेलने लगें, तो समाज को रुक कर सोचना चाहिए.
इस घटना ने एक बड़ा सामाजिक सवाल खड़ा कर दिया है- क्या सोशल मीडिया पर फेम पाने की होड़ इतनी बढ़ चुकी है कि हम अपनों की जान की कीमत पर भी कंटेंट बनाने को तैयार हैं
बच्चों को सुरक्षा देना हर माता-पिता की पहली ज़िम्मेदारी होती है, लेकिन जब वही माता-पिता अपनी संतानों को एक डिजिटल दुनिया की सनक में धकेलने लगें, तो समाज को रुक कर सोचना चाहिए.
