नई दिल्ली/BharatSankalp: दिल्ली के कोटला मुबारकपुर इलाके में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक शातिर चोर चोरी की स्कूटियों का इस्तेमाल होम डिलीवरी के लिए कर रहा था। दिल्ली पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने इस चोर को धर दबोचा और उसके पास से कई चोरी की स्कूटियां बरामद की हैं। यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए की गई थी।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कोटला मुबारकपुर में एक व्यक्ति चोरी की स्कूटियों का उपयोग करके होम डिलीवरी का काम कर रहा है।
इस जानकारी के आधार पर AATS की टीम ने जाल बिछाया और 10 अगस्त 2025 को एक गहन छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी, जिसकी पहचान रवि शर्मा (28 वर्ष) के रूप में हुई, को गिरफ्तार कर लिया। रवि दक्षिण दिल्ली का निवासी है और पिछले एक साल से इस अनोखे तरीके से चोरी का धंधा चला रहा था।
जांच में खुलासा हुआ कि रवि न केवल स्कूटी चोरी करता था, बल्कि वह इन स्कूटियों का इस्तेमाल ऑनलाइन फूड डिलीवरी और कूरियर सर्विस के लिए करता था। वह चोरी की स्कूटियों के नंबर प्लेट बदल देता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा रहे। AATS ने उसके पास से 5 चोरी की स्कूटियां, 10 फर्जी नंबर प्लेट, और कुछ अन्य उपकरण बरामद किए हैं, जिनका उपयोग वह नंबर प्लेट बदलने के लिए करता था।
दक्षिण दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (AATS) ने बताया कि रवि ने पूछताछ में कबूल किया कि वह रात के समय सुनसान इलाकों में स्कूटियां चुराता था और फिर उन्हें होम डिलीवरी के लिए इस्तेमाल करता था। उसने यह भी बताया कि वह चोरी की स्कूटियों को कम कीमत पर बेचने का भी धंधा करता था। पुलिस के अनुसार, रवि के खिलाफ पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं, और वह जमानत पर बाहर था।
AATS की इस कार्रवाई को स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस ने कोटला मुबारकपुर और आसपास के इलाकों में चोरी की घटनाओं की जांच तेज कर दी है।
रवि के खिलाफ चोरी और जालसाजी के आरोप में कोटला मुबारकपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और चोरी की स्कूटियों के खरीदारों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
यह घटना दिल्ली में चोरी के नए-नए तरीकों को उजागर करती है, जहां अपराधी आम लोगों की तरह काम करके अपनी असलियत छिपाते हैं। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए उचित ताले और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करें।
