नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक युवक ने सनातन धर्म के पवित्र प्रतीक चिन्ह को एक तथाकथित बाबा के पैरों के नीचे बनाकर अशोभनीय हरकत की है। यह दृश्य न केवल आस्था पर सीधा प्रहार है बल्कि करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं के साथ खुला खिलवाड़ भी है।
सनातन धर्म के प्रतीक, जिन्हें हम पूजा और सम्मान का स्थान देते हैं, वे किसी बाबा की चाटुकारिता में पैरों के नीचे रखे जाएँ – यह सोच भी घिनौनी और निंदनीय है। धर्म प्रतीक हमारे आराध्य का प्रतीक होते हैं, और उन्हें पैरों तले दिखाना न सिर्फ आस्था का अपमान है बल्कि सामाजिक समरसता को भी चोट पहुँचाने जैसा है।
लोगों ने इस वीडियो पर भारी आक्रोश जाहिर किया है। सोशल मीडिया पर जगह-जगह इस युवक और उस तथाकथित बाबा की निंदा हो रही है। कई लोगों ने इसे सनातन विरोधी मानसिकता का जीता-जागता उदाहरण बताया है।
यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ये किस मानसिकता से प्रेरित होकर किया गया? क्या धर्म के प्रतीकों को अपमानित करना अब फैशन बन गया है?
हमारा स्पष्ट संदेश है – आस्था के प्रतीकों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी को अपनी भक्ति दिखानी है तो सम्मान और आदर से करे, न कि ऐसे गंदे तरीकों से। सनातन धर्म सहिष्णु जरूर है लेकिन अपमान को सहन करना उसकी परंपरा नहीं।
प्रशासन को चाहिए कि इस घटना की गंभीरता से जांच करे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वालों को छोड़ देना समाज में गंदगी फैलाने जैसा होगा।
