नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसाइटी में एक डे-केयर सेंटर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक 15 महीने की मासूम बच्ची के साथ डे-केयर में काम करने वाली सहायिका द्वारा की गई बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
यह है पूरा मामला
यह भयावह घटना तब सामने आई जब बच्ची की मां, मोनिका (बदला हुआ नाम), अपनी बेटी को डे-केयर से लेने गईं। बच्ची के लगातार रोने और बेचैनी को देखकर मां ने उसके शरीर की जांच की, जिसमें बच्ची की जांघों पर काटने के निशान और चोट के गहरे निशान दिखाई दिए। डॉक्टर को दिखाने पर पुष्टि हुई कि ये निशान दांत से काटने और शारीरिक हिंसा के कारण हैं। इसके बाद मां ने डे-केयर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की।
सीसीटीवी में कैद हुई क्रूरता
सीसीटीवी फुटेज ने इस घटना की भयानक सच्चाई को उजागर किया। वीडियो में डे-केयर की सहायिका, जिसका नाम सोनाली बताया जा रहा है, बच्ची को थप्पड़ मारते, उसे जमीन पर पटकते, दीवार से सिर टकराते और प्लास्टिक की बेल्ट से पीटते हुए दिखाई दे रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि सहायिका ने बच्ची की जांघों पर दांतों से काटा, जिसके निशान स्पष्ट रूप से बच्ची के शरीर पर दिखाई दिए। यह क्रूरता देखकर माता-पिता और अन्य लोग स्तब्ध रह गए।
पुलिस कार्रवाई और शिकायत
बच्ची की मां ने तुरंत इस मामले की शिकायत थाना सेक्टर-142 में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सहायिका सोनाली और डे-केयर की प्रमुख चारू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (मारपीट), 506 (धमकी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने सहायिका को हिरासत में ले लिया है और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है। माता-पिता ने डे-केयर की प्रमुख पर भी लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस घटना की शिकायत की, तो प्रमुख ने न केवल उनकी बात को अनसुना किया, बल्कि धमकी और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया।
समाज में आक्रोश
इस घटना ने नोएडा और आसपास के इलाकों में लोगों में गुस्सा और डर पैदा कर दिया है। डे-केयर सेंटर्स में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई अभिभावकों ने मांग की है कि ऐसे सेंटर्स की कड़ी निगरानी की जाए और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच अनिवार्य की जाए। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और बच्ची के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
डे-केयर सेंटर्स पर उठे सवाल
यह घटना उन माता-पिता के लिए एक चेतावनी है जो अपने बच्चों को डे-केयर में भेजते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डे-केयर सेंटर्स में सीसीटीवी कैमरे, प्रशिक्षित कर्मचारी और नियमित निरीक्षण जैसे कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं। इस घटना ने एक बार फिर डे-केयर सेंटर्स के संचालन और उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बच्ची के माता-पिता और स्थानीय लोग इस मामले में त्वरित और कठोर न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
