जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने विवाह से पहले अपनी गंभीर बीमारी की जानकारी छिपाई है, तो वह विवाह कानून की दृष्टि में अमान्य माना जा सकता है।
यह मामला उस समय सामने आया जब एक पति ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पत्नी ने शादी से पहले अपनी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में सच नहीं बताया। अदालत ने तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद माना कि यह जानकारी छिपाना धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।
निर्णय में कहा गया कि विवाह आपसी विश्वास और पारदर्शिता पर आधारित होता है, और यदि कोई पक्ष इसे तोड़ता है, तो दूसरा पक्ष कानूनी रूप से विवाह को निरस्त कराने का अधिकार रखता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
