नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो के इंद्रलोक स्टेशन पर हुई एक घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। वायरल हुए वीडियो में एक बच्चा मेट्रो ट्रैक पर पेशाब करता दिख रहा है, जबकि उसके पास खड़े पिता ने उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की।
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूज़र्स ने इसे “शर्मनाक” बताते हुए सवाल किया कि इस तरह की हरकतें सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए कितना बड़ा खतरा हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
बिजली का झटका लगने का खतरा
मेट्रो की पटरियों में ज़्यादातर मामलों में तीसरी रेल या ओवरहेड तार से बिजली सप्लाई होती है, जो 750 वोल्ट या उससे ज़्यादा हो सकती है। सीधे संपर्क या नमी के कारण करंट लगने से जान भी जा सकती है।
मेट्रो पटरियों पर पेशाब करना न केवल गंदगी फैलाता है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है। मेट्रो ट्रैक पर 750 वोल्ट या उससे अधिक वोल्टेज की बिजली बहती है, और पेशाब जैसी नमी वाली चीज़ बिजली के करंट को आसानी से प्रवाहित कर सकती है, जिससे गंभीर हादसा हो सकता है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन नियमों के अनुसार मेट्रो परिसरों में गंदगी फैलाना और पटरियों पर उतरना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना या जेल की सज़ा भी हो सकती है।
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि यात्रियों को न केवल अपने, बल्कि दूसरों की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
