नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली, जहां मेट्रो को “शहर की लाइफलाइन” कहा जाता है, वहां अब मेट्रो स्टेशन रात में बेघर लोगों का ठिकाना बनते जा रहे हैं। कई स्टेशन परिसर और आसपास की सीढ़ियों पर रोजाना सैकड़ों लोग रात गुजारते हैं। यात्रियों को इससे न सिर्फ दिक्कत होती है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल रोज़ाना लाखों लोग करते हैं। लेकिन रात ढलते ही कई स्टेशन यात्रियों की आवाजाही से ज्यादा बेघरों की भीड़ के लिए पहचाने जा रहे हैं। फुटपाथ और शेल्टर होम्स की कमी की वजह से लोग मेट्रो की सीढ़ियों और कॉरिडोर में सोने को मजबूर हैं।
सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें साफ दिख रहा है कि कैसे मेट्रो परिसर अस्थायी ‘शेल्टर होम’ में तब्दील हो चुके हैं।
यात्रियों का कहना है कि मेट्रो प्रशासन और सरकार दोनों की लापरवाही साफ झलकती है। एक ओर दिल्ली खुद को “वर्ल्ड क्लास सिटी” बताती है, दूसरी ओर लोग सर्दी-गर्मी और बरसात में मेट्रो स्टेशनों पर जमीन पर सोने को मजबूर हैं।
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