गुरुग्राम। स्मार्ट सिटी और कॉरपोरेट हब के नाम से मशहूर गुरुग्राम इन दिनों एक अजीबोगरीब वजह से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विदेशी नागरिक नाले और सड़कों की गंदगी साफ करते नजर आ रहे हैं। हाथ में झाड़ू और कचरे की बाल्टियाँ लिए ये विदेशी लोग वहां सफाई कर रहे थे, जहां अक्सर नगर निगम की टीम नज़र ही नहीं आती।
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा और शर्म दोनों देखने को मिल रहे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये का टैक्स देने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है। नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही इतनी है कि अब विदेशियों को आगे आकर हमें हमारी जिम्मेदारी का आईना दिखाना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते हुए लिख रहे हैं — “स्वच्छ भारत मिशन अब विदेशी ठेके पर चल रहा है” तो किसी ने कहा “नेताओं के भाषण कचरा साफ नहीं करते, मेहनत करनी पड़ती है।”
यह नज़ारा गुरुग्राम जैसे शहर की असलियत खोलकर रख देता है, जिसे स्मार्ट सिटी कहा जाता है लेकिन गंदगी और बदइंतजामी से लोगों का जीना मुश्किल है। सवाल यह भी उठता है कि जब सरकारें करोड़ों रुपये सिर्फ प्रचार पर खर्च कर सकती हैं, तो सफाई व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों है?
विदेशियों द्वारा सड़क और नाले साफ करने का यह दृश्य सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक आईना है। यह हमें याद दिलाता है कि सफाई सिर्फ नारे और विज्ञापनों से नहीं होती, बल्कि जिम्मेदारी उठाने से होती है।
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