नई दिल्ली। देश में पालतू जानवरों की अवैध तस्करी तेजी से बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 सालों में ऐसे मामलों में 4 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा मामले मुंबई एयरपोर्ट पर सामने आए हैं, जहां से विदेशी नस्ल के डॉग्स, बिल्लियां, खरगोश, कछुए और अन्य दुर्लभ प्रजातियों की स्मगलिंग पकड़ी गई।
अधूरे दस्तावेज बने सबसे बड़ा हथियार
विशेषज्ञों का कहना है कि तस्करी के लगभग 60% मामलों में दस्तावेज अधूरे पाए गए हैं। आरोपी फर्जी हेल्थ सर्टिफिकेट और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट लाइसेंस का सहारा लेकर जानवरों को देश में लाने या बाहर भेजने की कोशिश करते हैं।
क्यों बढ़ रही है तस्करी?
विदेशी नस्ल के पालतू जानवरों की भारत में डिमांड बढ़ी है।
कई लोग स्टेटस सिंबल के लिए रेयर ब्रीड्स रखना चाहते हैं।
तस्करी का नेटवर्क अब ऑनलाइन ट्रेडिंग से भी जुड़ गया है।
सरकार और एजेंसियों की चिंता
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) और सीमा शुल्क विभाग ने इस पर चिंता जताई है। अधिकारियों के मुताबिक, तस्करी में शामिल गैंग्स अक्सर जानवरों को छोटे पिंजरों और बैग्स में छुपाकर लाते हैं, जिससे उनकी जान पर भी खतरा होता है।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार कड़े कानून बनाए और एयरपोर्ट्स पर निगरानी और मजबूत की जाए।
